पटना- बिहार विधान परिषद की कार्यवाही मंगलवार को उस समय गरमा गई, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी दलों की नारेबाजी और शोरगुल पर नाराज़ हो गए। हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की ओर इशारा करते हुए विवादित टिप्पणी कर दी, जिससे सदन का माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
दरअसल, सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्षी एमएलसी लगातार नारेबाजी कर रहे थे, जिससे कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही थी। इस पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सीट से खड़े हो गए और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सदन में केवल हंगामा किया जा रहा है और विकास या जनहित से जुड़े मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं हो रही है।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी सदस्यों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ये लोग सिर्फ शोर मचाना जानते हैं। उन्होंने कहा, “ई जो हल्ला कर रही है, क्या जानती है?” नीतीश कुमार ने दावा किया कि विपक्ष ने अपने 15 वर्षों के शासनकाल में बिहार को पीछे धकेल दिया, जबकि मौजूदा सरकार ने सत्ता में आने के बाद राज्य के विकास के लिए बड़े पैमाने पर काम किया है।
राबड़ी देवी की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उनके पति लालू प्रसाद सत्ता से हटे, तो उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में कोई ठोस काम नहीं हुआ और आज भी विपक्ष के पास सिर्फ हंगामा करने के अलावा कुछ नहीं है। इस दौरान मुख्यमंत्री काफी आक्रोशित नजर आए।
मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी के बाद सदन में राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। विपक्षी दलों ने उनके बयान पर कड़ी आपत्ति जताई, जबकि सत्ता पक्ष के सदस्य मुख्यमंत्री के समर्थन में दिखाई दिए। बढ़ते हंगामे के कारण विधान परिषद की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित भी करनी पड़ी।